मुंबई। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री इस साल दो बड़ी फिल्मों की जोरदार टक्कर की गवाह बन रही है—साउथ के सुपरस्टार पवन कल्याण की एक्शन थ्रिलर ‘दे कॉल हिम ओजी’ (OG) और हिंदी सिनेमा की चर्चित कोर्टरूम ड्रामा ‘जॉली एलएलबी 3’। दोनों ही फिल्मों ने दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा बटोरी है और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है।
यह भी पढ़ें-कैटरीना कैफ ने किया प्रेग्नेंसी का ऑफिशियल अनाउंसमेंट, फोटोज देख फैंस खुश
पवन कल्याण की फिल्म ‘ओजी’ ने रिलीज के पहले दिन से ही जबरदस्त धमाका किया। फिल्म ने पहले ही दिन लगभग 90 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली, जो इस साल की सबसे बड़ी ओपनिंग बन गई है। यह आंकड़ा रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर ‘कुली’ की ओपनिंग को भी पीछे छोड़ चुका है। फिल्म की लोकप्रियता का श्रेय पवन कल्याण की स्टार पॉवर, एक्शन से भरपूर स्क्रिप्ट और बेहतरीन निर्देशन को जाता है। इसके साथ ही साउथ मार्केट और ओवरसीज में भी इस फिल्म को बेहतरीन रिस्पॉन्स मिल रहा है।

‘जॉली एलएलबी 3’ ने भले ही धीमी शुरुआत की हो, लेकिन फिल्म ने पहले सप्ताह में अच्छा खासा कारोबार किया है। पहले दिन जहां फिल्म ने 12.5 करोड़ रुपये की ओपनिंग ली, वहीं वीकेंड पर इसका प्रदर्शन शानदार रहा। शनिवार को 20 करोड़ रुपये और रविवार को 21 करोड़ रुपये की कमाई के साथ पहले तीन दिनों में फिल्म ने 53.5 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। हालांकि, वीकेंड के बाद फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई। सोमवार को 5.5 करोड़ रुपये और मंगलवार को 6.5 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई। बुधवार और गुरुवार को इसका ग्राफ और नीचे गिरा — क्रमशः 4.25 करोड़ रुपये और 3.50 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इसके बावजूद, फिल्म की स्थिर स्क्रिप्ट, सामाजिक संदेश और कोर्टरूम ड्रामा के फैन्स के बीच इसकी लोकप्रियता बनी हुई है।
‘ओजी’ जहां साउथ के दर्शकों के बीच ब्लॉकबस्टर बन चुकी है, वहीं ‘जॉली एलएलबी 3’ ने हिंदी बेल्ट में अपने पैर जमा लिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड चलता रहा तो दोनों फिल्में अपने-अपने क्षेत्रों में 200 करोड़ रुपये वाले क्लब में शामिल हो सकती हैं। इन दोनों फिल्मों की सफलता से यह भी स्पष्ट होता है कि दर्शक अब सिर्फ बड़े स्टार्स को नहीं, बल्कि कंटेंट को भी तवज्जो दे रहे हैं। जहां ‘ओजी’ ने एक्शन और पावरफुल स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों को बांधे रखा है, वहीं ‘जॉली एलएलबी 3’ ने सामाजिक मुद्दों और व्यंग्यात्मक अंदाज से सोचने पर मजबूर किया है।