डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने मोरक्को की राजधानी रबात में भारतीय समुदाय से संवाद करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अपने सैनिकों को पूरी छूट दी थी। उन्होंने कहा, “हमने धर्म देखकर नहीं, कर्म देखकर मारा है,” जिसका स्पष्ट मतलब था कि भारत की सेना ने अपनी कार्रवाई सोच-समझकर और बिना किसी उकसावे के की है।
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राजनाथ सिंह की यह टिप्पणी पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश था कि भारत अपनी सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा। कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना को पूरी छूट दी गई थी ताकि वे किसी भी परिस्थिति से निपट सकें। यह हमला भारतीय नागरिकों के खिलाफ था, और भारतीय सेना की कार्रवाई को एक न्यायसंगत और रणनीतिक कदम माना गया। राजनाथ सिंह ने मोरक्को में प्रवासी भारतीयों से बात करते हुए कहा कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में तैयार थी और अपनी कार्रवाई में संयमित थी।

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए बहुआयामी प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जो जल्द ही शीर्ष तीन देशों में शुमार होने जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल परिवर्तन, ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था, और स्टार्टअप क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति का उल्लेख किया।
रक्षा उद्योग में भी ऐतिहासिक बदलाव:
भारत के रक्षा उद्योग में भी ऐतिहासिक बदलाव आया है। आज भारत 1.5 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पाद का निर्माण करता है और 100 से अधिक देशों को 23,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा उत्पादों का निर्यात कर चुका है। रक्षा मंत्री ने इस विकास को भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में देखा।
राजनाथ सिंह ने प्रवासी भारतीयों की मेहनत, ईमानदारी और समर्पण की सराहना की, और इसे भारतीय संस्कृति और चरित्र की शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में किसी व्यक्ति का असली मूल्य उसके चरित्र से निर्धारित होता है। प्रवासी भारतीयों ने भी भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा पर गर्व व्यक्त किया, जो एक मजबूत आर्थिक और सशक्त सैन्य क्षमता पर आधारित है।