HomeIndiaLoC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, कुपवाड़ा में दो आतंकी ढेर

LoC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, कुपवाड़ा में दो आतंकी ढेर

श्रीनगर। भारतीय सुरक्षा बलों ने रविवार को जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए। सुरक्षा बलों ने केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। फिलहाल इलाके में रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी है। सतर्क सैनिकों ने एलओसी पर संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद घुसपैठ विरोधी अभियान शुरू किया था।

यह भी पढ़ें-तमिलनाडु में बड़ा हादसा: अभिनेता विजय की रैली में मची भगदड़, 39 की मौत

दरअसल भारतीय सेना ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवादियों उनके सहयोगियों और समर्थकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कई अभियान चला रही हैं। यह आतंकवाद-रोधी रणनीति में बदलाव का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य केवल बंदूकधारी आतंकवादियों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इसी के तहत सुरक्षा बल आतंकवादियों उनके समर्थकों और सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। इतना ही नहीं नशीली दवाओं की तस्करी और हवाला रैकेट भी सेना के निशाने पर हैं, क्योंकि इनसे होने वाली आय का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने में किया जाता है।

कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सेना ने तीन आतंकवादियों को किया ढेर -  Infiltration attempt failed in Kupwara jammu kashmir Army killed terrorists  ntc - AajTak

भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) इस वसंत ऋतु में नियंत्रण रेखा (LOC) और अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) पर चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं ताकि सर्दियों की बर्फबारी से पहले आतंकवादियों को सीमा पार करके भारतीय क्षेत्र में घुसने से रोका जा सके। जम्मू और कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा (LOC) है, जिसकी सुरक्षा सेना करती है और 240 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) है, जिसकी सुरक्षा बीएसएफ करती है। नियंत्रण रेखा (एलओसी) घाटी के बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों और जम्मू संभाग के राजौरी, पुंछ और जम्मू जिलों के कुछ हिस्सों में स्थित है।

पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन, पाकिस्तानी सेना के समर्थन से, आतंकवाद को बनाए रखने के लिए हथियार, गोला-बारूद, नकदी और नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करते हैं। ज़्यादातर मामलों में, ये चीज़ें आतंकवादी संगठनों द्वारा इकट्ठा की जाती हैं। बीएसएफ ड्रोन-रोधी उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से भेजे जाने वाले ड्रोन के खतरे पर काफी हद तक लगाम लगी है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments