HomeIndiaहिमाचल के किन्नौर में बादल फटने से भारी तबाही, जंगलों में छिपे...

हिमाचल के किन्नौर में बादल फटने से भारी तबाही, जंगलों में छिपे लोग

किन्नौर। हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर जारी है। राज्य में एक बार फिर भारी बारिश ने कहर बरपाया है। किन्नौर जिले के तरांडा पंचायत के थाच गांव गुरुवार आधी रात को बादल फटने (Himachal Cloudburst) से तबाही मच गई। पानी का तेज बहाव कई वाहनों को बहा ले गया। इलाके के कुछ घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इतना ही नहीं खेत और बगीचे बह गए, लोगों ने जंगलों की ओर भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

यह भी पढ़ें-देहरादून के सहस्त्रधारा में फटा बादल, चारों तरफ फैला तबाही का मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात में अचानक बादल फटा और कुछ ही देर में नाले और जलस्रोत उफान पर आ गए। पानी और मलबे का सैलाब सड़कों और गांवों में घुस गया। आपदा के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई वाहन बह गए, जबकि कई मलबे में दब गए। सड़कों पर भारी मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो गया।

किन्नौर के अलावा शिमला शहर में भारी भूस्खलन से स्थिति और बिगड़ गई है। कार्ट रोड इलाके में प्रतिष्ठित सेंट एडवर्ड स्कूल के सामने हिमलैंड में एक भारी भूस्खलन हुआ। जिसके चलते स्कूल को दो दिनों (19 और 20 सितंबर) के लिए बंद कर दिया है। पास की बहुमंजिला इमारत भी खतरे में है। भूस्खलन के कारण मुख्य सड़क अवरुद्ध हो गई है और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। तीन दिन पहले हिमलैंड इलाके में भी एक बड़ा भूस्खलन हुआ था।

हिमाचल के किन्नौर में बादल फटने से मची भारी तबाही, बह गई गाड़ियां और घर,  जंगल में भागने लगे लोग | Navbharat Live

बारिश और भूस्खलन ने राज्य की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक राज्य भर में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग और 552 सड़कें बंद रहीं। इनमें किन्नौर, कुल्लू और ऊना के राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। कुल्लू जिले में सबसे ज्यादा सड़कें बाधित रहीं, मंडी में 202, शिमला में 158 और कांगड़ा में 50 सड़कें बाधित रहीं। बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। राज्य भर में 162 ट्रांसफार्मर और 197 पेयजल योजनाएँ ठप रहीं। अकेले मंडी जिले में 68 ट्रांसफार्मर और 126 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments