नई दिल्ली। नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाली सुशीला कार्की (Sushila Karki) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने नेपाल के सभी भाइयों और बहनों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत की पूरी प्रतिबद्धता दोहराई। PM मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए लिखा, “नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पद ग्रहण करने पर माननीय सुशीला कार्की जी को हार्दिक शुभकामनाएं। नेपाल के भाइयों और बहनों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।”
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उधर सरकार परिवर्तन के दौर में विदेश मंत्रालय (MEA) ने काठमांडू के साथ अपने संबंध लगातार मजबूत करने की आदर्श प्रतिबद्धता दोहराई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नेपाल में सुशीला कार्की के नेतृत्व में नई अंतरिम सरकार के गठन का स्वागत किया गया है और इससे शांति तथा स्थिरता के क्षेत्र में योगदान की उम्मीद है। MEA ने आगे कहा कि एक निकट पड़ोसी, एक लोकतांत्रिक देश और एक दीर्घकालिक विकास साझेदार के रूप में भारत नेपाल के लोगों के कल्याण और समृद्धि के लिए मिलकर काम करता रहा है और करता रहेगा।
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जानकारी के लिए आपको बता दें कि शुक्रवार की रात युवाओं की पसंदीदा सुशीला कार्की ने देश की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। नेपाल की प्रधानमंत्री पद पर उनका आगमन राजनीति के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सुशीला कार्की के भारत के साथ भी बहुत खास संबंध हैं, ऐसी बातों को देखते हुए विश्लेषक उम्मीद कर रहे हैं कि उनके कार्यकाल के दौरान भारत-नेपाल के संबंध उच्चतम स्तर पर रहेंगे। उनकी पढ़ाई वाराणसी (काशी) से पूरी हुई और वहीं उन्हें जीवनसाथी भी मिला।
नेपाल में सत्ता में बड़े बदलाव का यह दौर ‘जेन-जी’ आंदोलन के नाम से पहचाना गया, जिसने केपी शर्मा ओली की सरकार को अलग करने का काम किया। इस आंदोलन की वजह बनीं 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की नीतियाँ, जिनके विरुद्ध नेपाल के युवाओं ने आवाज उठाई। शुरुआत शांतिपूर्ण विरोध के तौर पर हुई लेकिन यह धीरे-धीरे हिंसक प्रदर्शन में बदल गया। विरोध के दौरान केपी शर्मा ओली की सरकार के कई मंत्रियों के घरों को निशाना बनाकर आग लगा दी गई, जिससे माहौल और भी तीखा हो उठा। इस दबाव के चलते अंततः केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।